तीन तलाक बिल पास: तीन तलाक देने वालों को जेल भेजने का रास्ता साफ, बिल पास कर संसद ने रचा इतिहास



लखनऊ: मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक देने की प्रथा पर रोक लगाने के प्रावधान वाले एक ऐतिहासिक विधेयक को संसद द्वारा मंजूरी मिलने के बाद पार्टियों और नेताओं के प्रतिक्रयाओं का दौर जारी है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा तीन तलाक कुछ ही दिनों में प्रतिबंधित हो जाएगा. ये किसी जाति, धर्म के लिए बल्कि नारी के लिए जरूरी था. दुर्भाग्य है कि जो लोग महिला सशक्तिकरण की घोषणाएं करते थे, उन्होंने संसद में इसका विरोध किया. तीन तलाक विधेयक का संसद में पास होना एक ऐतिहासिक दिन है.केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ी जीत हासिल की है. तीन तलाक बिल राज्यसभा से भी पास हो गया. लोकसभा के बाद आज राज्यसभा में भी इस बिल को मंजूरी मिल गई. अब इस बिल को राष्ट्रपति को भेजा जाएगा. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ये कानून बन जाएगा.बिल के पक्ष में 99 और विरोध में 84 वोट पड़े. तीसरी कोशिश में सरकार को कामयाबी मिली. सरकार ने मुस्लिम महिलाओं से किया गया वादा पूरा किया है. जेडीयू, एआईडीएमके, बीएसपी, वाईएसआर कांग्रेस ने वॉक आउट किया.

तीन तलाक बिल में क्या है? इस विधेयक में तीन तलाक की प्रथा को शून्य और अवैध घोषित करने का और ऐसे मामलों में तीन साल तक के कारावास से और जुर्माने से दंडनीय अपराध और प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय अपराध घोषित करने का प्रस्ताव है. यह भी प्रस्ताव किया गया था कि विवाहित महिला और आश्रित बालकों को निर्वाह भत्ता प्रदान करने और साथ ही अवयस्क संतानों की अभिरक्षा के लिए भी उपबंध किया जाए. विधेयक अपराध को संज्ञेय और गैरजमानती बनाने का उपबंध भी करता था. इसमें मजिस्ट्रेट द्वारा जमानत देने की बात कही गई है.

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